अनुच्छेद 370 : जम्मू कश्मीर कैडर के आईएएस, आईपीसी अधिकारियों की पुरानी भूमिका जारी रहेगी

By PTI | New Delhi | Updated: Aug 6 2019 5:51PM

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर कैडर के आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवा अधिकारियों की सेवाएं नये बनने वाले दो केंद्र शासित प्रदेशों में जारी रहेंगी जबकि इन सेवाओं के तहत नियुक्त किए जाने वाले नये लोगों को एजीएमयूटी कैडर दिया जाएगा।

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक प्रांतीय सेवा अधिकारी दो नये केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए उपराज्यपाल की ओर से नया आदेश जारी होने तक मौजूदा पद पर सेवाएं देना जारी रखेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सोमवार को राज्यसभा में पेश किए गये विधेयक के मुताबिक, “भविष्य में, जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश या लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में नियुक्त किए जाने वाले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को अरुणाचल गोवा मिजोरम यूनियन टेरिटरी (एजीएमयूटी) कैडर का माना जाएगा और उसी के अनुरूप कैडर आवंटनों के नियमों में केंद्र सरकार की तरफ से जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

इस विधेयक में दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू कश्मीर और लद्दाख के गठन का प्रावधान किया गया है।

विधेयक में कहा गया कि मौजूदा जम्मू कश्मीर राज्य के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के कैडर मौजूदा कैडरों में काम करना जारी रखेंगे।

विधेयक में कहा गया कि दो नये केंद्र शासित प्रदेशों के गठन और अधिसूचना जारी होने के बाद उपराज्यपाल अधिकारियों की संख्या, संरचना और आवंटन पर निर्णय लेंगे।

साथ ही इसमें कहा गया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के पास इन दोनों में से किसी एक में सेवा देने का विकल्प होगा और इस स्थानांतरण पर उपराज्यपाल फैसला लेंगे।

भाषा

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